आसान नहीं है..


सब कुछ पल भर में खत्म हो गया था। ऐसे जैसे मानों कुदरत भी इन सब में शामिल थी। 
वो एक अपना सा साथी आज दूर कहीं और है, कैसे कहे की "मैं हूं यही" जब कुछ भी तो नहीं है।

किसी से प्रेम करना फिर और किसी का हो जाना 
देखना ख़्वाब किसी का, किसी और संग सो जाना
आसान नहीं है किसी से प्रेम करना, किसी और का हो जाना।

संजोए सपने हो जिसके संग 
पसंद आता बस उसी का ढंग 
चाहे लाख खूबियां हो किसी में 
चाहे किसी का सबसे सुंदर रंग 
एक पल में कैसे बदले जो तस्वीर देखी थी रोजाना
आसान नहीं है....किसी से प्रेम करना, किसी और का हो जाना।।

कैसे मंजिल को है जाना 
कैसे एक एक पग बढ़ाना 
कौन कितना साथ देगा 
किसको कितना है निभाना 
इन सारी उम्मीदों को एक पल में ही धो जाना
आसान नहीं है....किसी से प्रेम करना, किसी और का हो जाना।।

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