Block, Delete and End...


एक बात जो मैं मानती हूं कि जिंदगी चलती रहती है। लोग बदलते हैं,प्यार रुप बदल लेता है,दिल टूट जाते हैं और अंदर ही जुड़ भी जाते हैं। 
जिन चीजों को हम चाहते थे वो इच्छाओं में बदल गये,हम उन्हें खो देते हैं जिन्हें सोचा था कि कभी नहीं खोएंगे। हम हार जाते हैं,और उनसे दूर चले जाते हैं जिनसे सोचा था कि कभी दूर नहीं होंगे। 
एक बात तो पक्की है कि इन सब के बावजूद, यहां तक ​​कि हमारे होने ना होने पर भी जीवन जारी है। ज़िंदगी चलती रहती है।
उस दिन और दिनों जैसे ही हम लड़े थे और एक कसैले करेले स्वाद सा विचार आया था। सब कुछ छोड़ कर जीने का विचार। जिंदगी को दूसरे रंग से लिखने का विचार..
विचारों में भी आसान नहीं था तुमसे रिश्ता खत्म करना। ना जाने कितनी बार मेरा दिल धीरे से कहता था कि चलो फिर उसी रास्ते पर चलते हैं, रिश्ते ऐसे खत्म नहीं होते। 
आपको अपनी contact list, facebook, watsup, instagram से ब्लॉक कर दिया। फिर ये भी सोचा कि नंबर को ही डिलीट कर दूं, लेकिन उस नंबर को डिलीट करना आसान नहीं था। शायद अभी भी गुंजाइश बाकी थी।
अपने decision को दुबारा से चेक करने का मौका हमारा दिल ही नहीं बल्कि ये आजकल के App भी देते हैं।
आपका नंबर हटाने से पहले मैंने notification को कई बार पढ़ा। 
"Do you want to delete the contact number permanently"
डिलीट करूं या नहीं, इस अजीब सी दुविधा में फंस गई क्योंकि उन दस नंबरों के साथ जो दस तार जुड़े हुए हैं,वो कैसे टूटते? 
तार जुड़े हैं प्यार के,एहसास के,प्यार भरी बातों के,मुलाकातों के,सुख दुख में साथ के,अपनेपन के,ख्वाबों के, ख़यालों के,साथ बिताई हुई खुशियों के,बुनी हुई ख्वाहिशों के..
हाथ कापें ज़ोर से और हर तार से उम्मीद टूटती चली गई और ok का बटन दबाते ही आपका नाम unknown की list में चला गया।
और इस तरह एक बेहद प्यारे प्यार भरे रिश्ते का अंत हो गया
End
लेकिन मैं सोच रही हूं कि block, delete, ये सब प्यार को खत्म करने के लिए काफी है? 
किसी भी रिश्ते को यूं ही बीच राह में अंत कर सकते हैं??

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